कञ्चनपुरकके कृष्णपुर नगरपालिका–९, चपरतल्ला लगायतकके क्षेत्रम छाडा चौपायाके आतंक बढ्ती गिल बाट । रातके समयम खेतमै प्रवेश कैक चौपाया धानबालीम क्षति पुगाइल स्थानीय किसान समस्याम परल बाट ।
बाली जोगाई लाग किसान खेतमै अस्थायी झुपडी निर्माण कैक रातभर खेट्वाम जागपर्ना बाध्यता बातिन । खेतके आजरपाजर तारबार ओ जाली लगाक फेन छाडा चौपाया पुनः खेतमै प्रवेश कैक बाली नोक्सान करल स्थानीयहूकनके गुनासो बातिन।
स्थानीयके अनुसार हरेक रात पाँच सयसे ज्यादा छाडा चौपाया जंगलसे आके खेतीयोग्य जमिनम पुग्ना करल बाटै । कीसान हूकनके अनुसार असीन चौपाया भारततर्फ से लालझाडी वन क्षेत्र हुयीती नेपाली भूभागमे प्रवेश कर्ना करल बाटै ।
स्थानीय बासिन्दाहूक्र कल धानके बीउ छित्ना समय से लेके गहुँ भित्त्रैना समय सम्म बाली जोगैलाग निरन्तर खेतमै बैठपर्ना अवस्था रहल बाट । यकर आघ गहुँबालीके समयम फेन् अस्टे समस्या भोगे परत कैके स्थानीय लक्ष्मण डगौराके गूनासो बातिन ।
भारततर्फसे रातके समयमे छाडा चौपाया आके हमार बाली नष्ट करल बाटै । यी वर्ष झन् संख्या बढल बाट कैक बताइल बाट । एक रातम धेर बाली सखाप पारल बाट कैक स्थानीय बासिन्दा हुक्र जानकारी देहल बाट ।
किसानहूकनके अनुसार छाडा चौपाया बालीमे भारी क्षति पुगैले से फेन समस्या समाधानके लाग सम्बन्धित निकायसे प्रभावकारी पहल हिई नैसेकल हो । स्थानीय तह से आवश्यक सहयोग दीर्घकालीन समाधानके माग करल बातै ।
चपरतल्ला, जोराइल ओ पिपरिया लगायतके क्षेत्रमे छाडा चौपायाके समस्या वर्षेनी बढ्ती गिल स्थानीयके भनाइ बातिन । वन क्षेत्रमे बैठके बच्चा जन्मैना छाडा चौपायाके संख्या बढ्ती गिल आगामी दिनमे समस्या और जटिल बने सेक्ना चिन्ता किसानहुक्र व्यक्त करल बाटै । स्थानीय बासिन्दाहूके्र धानबाली बचैलाग सरकारसे तारजाली ओ छाडा चौपाया नियन्त्रण कर्ना माग करल बाट ।