कञ्चनपुरके मझगाउँ विमानस्थल पुनर्निर्माणके काम पछिल्लो समय तीव्र गतिम आघ बढल बा । विमानस्थल निर्माणम देखाइल प्रमुख अवरोध हटलपाछे निर्माण कम्पनीसे कामहे तीव्रता देहेल बा ।
विमानस्थलके धावनमार्ग (रनवे) निर्माणके लाग कान्छारामकुमार उमा एन्ड जेभीसँग २०७८ पुस २५ गते तीन वर्षम एक हजार ५२५ मिटर धावनमार्ग निर्माण कर्ना कैके ४५ करोड ६६ लाखमे ठेक्का सझौता हुइल रहे । निर्धारित समयमे निर्माण सम्पन्न हुइ नैसेक्के दुई पटक म्याद थप कैके काम आगे बढाइल बाट । थपल म्याद अवधि आगामी पुस २४ गतेसम्म रहल बा ।
हालसम्म एक हजार ४५० मिटर निर्माण सम्पन्न हुइल बा । ओकरमध्य एक हजार तीन सय मिटरमे कालोपत्रे होसेकल मझगाउँ विमानस्थलके कार्यालय प्रमुख मीनराज ओझा जानकारी देहेल बाटै । उहाँके अनुसार बिचमे लम्मा समय सेनासँग जग्गा अधिग्रहणके विवादके कारण निर्माण प्रभावित हुइल रहे । हाल नेपाली सेना विमानस्थलके लाग जग्गा देना सहमति करल पाछे कामसे तीव्रता पाइल ओझा उल्लेख कर्ले बाट ।
धावनमार्ग निर्माणके ला नेपाली सेनाके स्वामित्वम रहल २२५ मिटर क्षेत्रफलमे काम होसेकल बा कलेसे बाँकी ७५ मिटर जग्गा अधिग्रहण हुइना बाँकी रहल बा । ठेक्का अनुसार जम्मा हालसम्म ७५ प्रतिशत काम सम्पन्न होसेकल बा ।
वातावरणीय प्रभाव मूल्याङ्कन (इआइए) के काम सम्पन्न हुइल पाछे परीक्षण उडान कर्ना जनाइल बाट । ट्रमिनल भवन निर्माणके लागसमेत डिजाइन काम सम्पन्न होके अस्तके वर्र्ष ठेक्का लगैना प्रमुख ओझा जानकारी देहेल बाट ।
तत्कालीन सशस्त्र द्वन्द्वके क्रममे मजगाउँ विमानस्थल बन्द हुइल रहे । प्रतिनिधि सभा सदस्य ज्ञानेन्द्रसिंह महता मजगाउँ विमानस्थल हलि सञ्चालनमे लन्नाके लाग आप््नह सरकारसमक्ष पहल कर्ती रहल बतैल । विमानस्थलके मुख्य समस्या समाधान होके हलि विमानस्थल सञ्चालनमे एैना फेन उहाँ बतैल ।
२०३० सालसे मझगाउँ विमानस्थलमे हवाईसेवा सुरु होके २०५६ सालमे बन्द हुइल रहे । लम्मा समयसे बन्द रहल विमानस्थल पुनः सञ्चालनमे आके कञ्चनपुरसहित सुदूरपश्चिम प्रदेशके पर्यापर्यटन, व्यापार होके आर्थिक गतिविधिमे टेवा पुग्ना सरोकारवालाके अपेक्षा बा ।
मझगाउँ विमानस्थल निर्माण तीव्र
कञ्चनपुरके मझगाउँ विमानस्थल पुनर्निर्माणके काम पछिल्लो समय तीव्र गतिम आघ बढल बा । विमानस्थल निर्माणम देखाइल प्रमुख अवरोध हटलपाछे निर्माण कम्पनीसे कामहे तीव्रता देहेल बा ।
विमानस्थलके धावनमार्ग (रनवे) निर्माणके लाग कान्छारामकुमार उमा एन्ड जेभीसँग २०७८ पुस २५ गते तीन वर्षम एक हजार ५२५ मिटर धावनमार्ग निर्माण कर्ना कैके ४५ करोड ६६ लाखमे ठेक्का सझौता हुइल रहे । निर्धारित समयमे निर्माण सम्पन्न हुइ नैसेक्के दुई पटक म्याद थप कैके काम आगे बढाइल बाट । थपल म्याद अवधि आगामी पुस २४ गतेसम्म रहल बा ।
हालसम्म एक हजार ४५० मिटर निर्माण सम्पन्न हुइल बा । ओकरमध्य एक हजार तीन सय मिटरमे कालोपत्रे होसेकल मझगाउँ विमानस्थलके कार्यालय प्रमुख मीनराज ओझा जानकारी देहेल बाटै । उहाँके अनुसार बिचमे लम्मा समय सेनासँग जग्गा अधिग्रहणके विवादके कारण निर्माण प्रभावित हुइल रहे । हाल नेपाली सेना विमानस्थलके लाग जग्गा देना सहमति करल पाछे कामसे तीव्रता पाइल ओझा उल्लेख कर्ले बाट ।
धावनमार्ग निर्माणके ला नेपाली सेनाके स्वामित्वम रहल २२५ मिटर क्षेत्रफलमे काम होसेकल बा कलेसे बाँकी ७५ मिटर जग्गा अधिग्रहण हुइना बाँकी रहल बा । ठेक्का अनुसार जम्मा हालसम्म ७५ प्रतिशत काम सम्पन्न होसेकल बा ।
वातावरणीय प्रभाव मूल्याङ्कन (इआइए) के काम सम्पन्न हुइल पाछे परीक्षण उडान कर्ना जनाइल बाट । ट्रमिनल भवन निर्माणके लागसमेत डिजाइन काम सम्पन्न होके अस्तके वर्र्ष ठेक्का लगैना प्रमुख ओझा जानकारी देहेल बाट ।
तत्कालीन सशस्त्र द्वन्द्वके क्रममे मजगाउँ विमानस्थल बन्द हुइल रहे । प्रतिनिधि सभा सदस्य ज्ञानेन्द्रसिंह महता मजगाउँ विमानस्थल हलि सञ्चालनमे लन्नाके लाग आप््नह सरकारसमक्ष पहल कर्ती रहल बतैल । विमानस्थलके मुख्य समस्या समाधान होके हलि विमानस्थल सञ्चालनमे एैना फेन उहाँ बतैल ।
२०३० सालसे मझगाउँ विमानस्थलमे हवाईसेवा सुरु होके २०५६ सालमे बन्द हुइल रहे । लम्मा समयसे बन्द रहल विमानस्थल पुनः सञ्चालनमे आके कञ्चनपुरसहित सुदूरपश्चिम प्रदेशके पर्यापर्यटन, व्यापार होके आर्थिक गतिविधिमे टेवा पुग्ना सरोकारवालाके अपेक्षा बा ।